कबड्डी के खेल से सीखें जेंडर का खेल

by | Jan 8, 2020

आवश्यकता: एक खेल का मैदान

बाहरी गतिविधि, 15-20 व्यक्ति

खेल का उद्देश्य: जेंडर के नियमों और उनसे होने वाले नुकसानों को समझना

समय: 30 मिनट


खेल 1

खेल के नियम:

क्रम संख्यानियमअर्थ
1.प्रतिभागियों को दो असमान टीमों में बांटिए। टीम 1 में 60-70% प्रतिभागी हों और टीम 2 में 30-40%। दोनों टीमों से एक-एक खिलाड़ी को बाहर कर उन्हें खेलने से मना कर दीजिए।इस नियम के जरिए आप देश में लिंग अनुपात की स्थिति समझा सकते हैं। टीम 1 लड़कों का और टीम 2 लड़कियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। दो निकाले गए प्रतिभागी ट्रांसजेंडर और इंटरसेक्स व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रतिभागियों को बताएं कि कैसे इन्हें समाज से बाहर किया जाता है।
2.यह सुनिश्चित करें कि टीम 1 में आधे से अधिक प्रतिभागियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और टीम 2 में आधे से कम को। इसका अर्थ यह हो सकता है कि वे पहले खेल चुके हों, उन्हें खेलना आता हो, खेल के दौरान उनकी कुछ भूलों को अनदेखा किया जाए इत्यादि।इस नियम से यह समझाएं कि कैसे लड़कों को लड़कियों से बेहतर सुविधाएं दी जाती हैं जिससे वे ‘बेहतर’ होते हैं। समझाएं कि चूंकि इंटरसेक्स और ट्रांसजेंडर व्यक्ति इस खेल से बाहर हैं उन्हें किसी भी तरह की स्किल ट्रेनिंग नहीं दी जाती।
3.जब टीम 1 के खिलाड़ी स्कोर करने जाएं तो उन्हें कुछ नहीं कहना है, जबकि टीम 2 के खिलाड़ियों को ‘कबड्डी कबड्डी’ कहना है (आप चाहें तो प्रतिभागी को ‘जेंडर जेंडर’ बोलने को भी कह सकते हैं)।इस नियम से समझाएं कि कैसे लड़कियों को हमेशा अपने जेंडर के नियमों को ध्यान में रखना होता है
4.टीम 1 के पास स्कोर करने के लिए पर्याप्त समय है जबकि टीम 2 के पास 1 या 2 मिनट ही हैं (प्रतिभागियों की संख्या के अनुसार आप इसे बदल सकते हैं)।इस नियम से लड़कियों के बाहर जाने के समय की पाबंदियों के बारे में समझाएं।
5.टीम 1 के खिलाड़ी अपने निर्धारित मैदान से बाहर जा सकते हैं लेकिन टीम 2 के नहीं।इस नियम से समझाएं कि कैसे लड़कियों को एक जेंडर आधारित समाज के दायरे में ही रहना है जबकि लड़कों के लिए ऐसी कोई पाबंदी नहीं है।
6.टीम 1 को पानी आदि के लिए ब्रेक दें जबकि टीम 2 को नहीं।इस नियम से समझाएं कि कैसे लड़कों को उनके सपने पूरे करने के लिए छूट दी जाती है और लड़कियों को नहीं
7.टीम 1 को लगातार टीम 2 पर नज़र रखनी है कि वे सभी नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।इस नियम से समझाएं कि कैसे लड़कों को लड़कियों पर नज़र रखने के लिए सिखाया जाता है

प्रशिक्षक के लिए नोट:

  • सभी नियम अच्छे से समझाएं।
  • वैसे तो यह खेल कम देर ही चलता है लेकिन समय को ध्यान में रखते हुए आप 10 मिनट में इस खेल को रोक सकते हैं|
  • जब तक आवश्यक ना हो तब तक चलते खेल के दौरान दखल ना दें। प्रतिभागियों को ही एक-दूसरे पर नज़र रखने को कहें।
  • खेल शुरु होने से पहले केवल नियम समझाएं, खेल खत्म होने के बाद ही उसके अर्थ समझाएं।
  • खेल के मध्य टीम 1 से 1 और टीम 2 से 2 खिलाड़ी बाहर कर दें। बाद में इसके जरिए ड्रॉप आउट समझा सकते हैं (यह भी देखें)।
  • यदि टीम 1 फाउल की शिकायत करें तो तुरंत समाधान करें। टीम 2 के फाउल कहने पर उन्हें ही दोषी ठहराएं। इसके जरिए आप समझा सकते हैं कि कैसे लड़कों की बात सुनी जाती है और लड़कियों के साथ कुछ होने पर उन्हें ही दोषी बताया जाता है
  • प्रतिभागियों की उम्र का ध्यान रखते हुए आप कुछ ही नियमों के साथ भी यह खेल खेल सकते हैं।
  • यदि आप इस खेल को कई दिनों में खेलना चाहते हैं तो आप एक-एक करके नियम बता सकते हैं। इससे प्रतिभागियों को नियम और उनके अर्थ समझने में आसानी होगी।

खेल 2

खेल के नियम:

क्रम संख्यानियमअर्थ
1.टीमों को बराबर बांटें। जिन प्रतिभागियों को खेलने से रोका गया था उन्हें भी सम्मिलित करें। यह सुनिश्चित करें कि दोनों टीमों में बराबर के अनुभवी और गैर-अनुभावी खिलाड़ी हों।प्रतिभागियों को समझाएं कि कैसे सभी को सम्मिलित करने और साथ लेकर चलने से सब बेहतर महसूस करते हैं और सबके पास समान मौके होते हैं।
2.यह पहले नियम का ही एक भाग है। ———
3.किसी भी टीम को ‘कबड्डी’ नहीं कहना है।जेंडर के नियमों को ना मानने से आपका खेल आसान हो जाएगा
4.दोनों टीमों के पास स्कोर करने के लिए बराबर के समय हैं।इस नियम से समझाएं कि कैसे बाहर जाने के समय पर से पाबंदी हटने से सबके लिए खेल ज़्यादा मजेदार हो गया।
5.दोनों टीमें अपने तय फ़ील्ड से बाहर नहीं निकल सकते।इस नियम से प्रतिभागियों को समझाएं कि कैसे अपना और अपने व्यवहार का ख्याल रखना है और यह सबकी ज़िम्मेदारी है।
6.दोनों टीमों को पानी आदि के लिए ब्रेक मिले।बराबर के मौके मिलने से सभी बेहतर कर सकते हैं।
7.किसी भी टीम को दूसरे टीम की जांच नहीं करनी।नज़र ना रखने पर सभी अपना खेल अपने तरीके से बिना किसी बाहरी निगरानी खेल सकते हैं।

प्रशिक्षक के लिए नोट:

  • यह दूसरा खेल पहले खेल से ज़्यादा देर तक चलेगा। इससे प्रतिभागियों को समझाएं कि कैसे सभी को समान तरह के मौके देने से हमारी उत्पादकता बढ़ती है
  • प्रतिभागियों से पूछें कि उन्हें पहले और दूसरे खेल में से कौन सा ज़्यादा पसंद आया। अधिकतर प्रतिभागियों को दूसरा खेल पसंद आता है। इस अनुभव से प्रतिभागियों को बताएं कि कैसे बराबर के मौके यह सुनिश्चित करते हैं कि सब शामिल हो सकें और किसी प्रक्रिया/ गतिविधि का आनंद ले सकें।
  • खेल खत्म होने के बाद देखें कि क्या सभी प्रतिभागी ठीक हैं। उनसे खेल के बारे में उनकी राय पूछें। उनसे पूछें कि पहले खेल में लड़का/ लड़की के तौर पर खेलने और दूसरे में खिलाड़ी के तौर पर खेलने से उनकी क्या प्रतिक्रिया रही? जिन प्रतिभागियों को पहले खेल में खेलने से मना किया गया था उन्हें कैसा लगा? शामिल होने पर कैसा लगा? सभी उत्तर लिखें।
  • यह तय करें कि दोनों खेल खेले जाएं। पहले खेल के नियम दूसरे खेल के नियम की क्रम संख्या से मिलते हैं। आप पहले खेल में जिस संख्या के नियमों से खेलें दूसरे खेल में भी उसी क्रम के नियम का इस्तेमाल करें।

* Featured image courtesy Wikimedia Commons

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3 Comments

  1. Saurav Bhaskar

    It reminded me of Induction training Day 1,
    कबड्डी के खेल को इस तरीके से सोच कर खेला जाना वाकई काबिले तारीफ है।

    Reply
    • Dharmesh

      thanks Saurav.

      Reply
  2. Dharmesh

    thanks Saurav.

    Reply

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