मै उड़ने लगी हूँ

by | Sep 24, 2016

लोग कहते है मै उड़ने लगी हूँ… ज़मीन पर पैर नहीं रहते मेरे |

क्यों ?
क्योकि, मै आगे बढ़ना चाहती हूँ,
क्योकि, मै पढ़ना चाहती हू,
क्योकि, मै पैर फैला कर चलती हूँ,
क्योकि, मुझे भी गुस्सा आता है,
क्योकि, मै भाई से अपने लिय पानी लाने को कह देती हूँ,
क्योकि, मै अपने पसंद के कपड़े पहनती हूँ,
क्योकि, मै किसी भी अनजान व्यक्ति से बात कर सकती हूँ,
क्योकि, मै बस या ट्रेन में अनजान व्यकित को भी माँ/बहन की गाली देने से मना करती हूँ,
क्योकि, लडको से मेरी दोस्ती है,
क्योकि, मै अपने निर्णय खुद लेती हूँ,
क्योकि, मै हमेशा अपने माँ, पापा के साथ रहना चाहती हूँ,
क्योकि, मेरे भी अपने सपने है जिन्हें मै पूरा करना चाहती हूँ,
क्योकि, मै 25 साल की उम्र में शादी नहीं करना चाहती,
क्योकि, मै दुनिया घूमना चाहती हूँ,
क्योकि, मेरे अंदर डर नहीं है, लोगो की परवाह नहीं करती,
क्योकि, मै अपने हक के लिय लड़ती हूँ,
क्योकि, मै वो नहीं करना चाहती जो दुनिया मुझसे करवाना चाहती है |

हा… हा… हा…

“मै खुश हूँ बहुत, अपने आसमान में”

Stay in the loop…

Latest stories and insights from India Fellow delivered in your inbox.

0 Comments

Submit a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: